फेसबुक में अपणा परचार करने बाले खशटोर किसम के लाखारियों को भी आरक्षण
मिलणा चाहिए.. (सुरुआत हमाचल से होणी चाहिए, क्योंकि इनकी उत्पत्ति सारे
ते पैल्ले हमाचल में ही होई है... इस बात के आपके रगडा दाद्दू के पास
पुख्ता सबूत है ) ऐसे लखारी..... दूसरों को कबी बी नईं पढ़ सकते... ऐसे
लखारी... मानसिक रूप से बहुत कमजोर किस्म के पिछड़े हुए लोक होते हैं...
मंद बुद्दी इन लाखारियों को अपनी कहाणी को एक जैसे ही सब्जेक्ट के नेड़े
तेडे घमाणे की आदत होती है..... ऐसे लखारी अपणी रचनाओं को कई जुगाड़ों से
पर्चारित कने परसारित करने का खुराफाती दमाग रखते हैं... जिसके कारण इनका
मानसिक दायरा खू का खू ( खू मतबल कूआं ) में ही रहता है...... ऐसे मानसिक
रूप से कमजोर लोकों को.. बी आरक्षण देकर सीद्दे भारत रत्न तक पहुंचा देणा
चाईये... है की नीं..
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