गलाया बोलेया माफ जी ....

चरनाबंदे जी सारेयां बाड्डेयां कने छोटेयां को ...
पिछले दो तीन दिनों से एक खबर शुण रेया हूँ जी के.... धरमशाला में किसी छोटी बच्ची के साथ कुछ राग्शसों ने गंदा काम किया है जी...कने इसमें लीडरों के नाती-पोतों का हाथ होणे की बात बी फैली होई है जी... खबर एक बी है फैली होई की बच्ची के साथ दिल्ली की दामिनी से बी खतरनाक बारदात होई है जी... कने बच्ची को हमाचल से बाहर लाज के लिए भेजा गेया है जी.... लीडरों की दखलंदाजी के कारण खबार बाले बी उनकी माँद में घुस गए हैं जी कने खबर तक नीं छाप रए...

........................ इदर एक बात क्लीयर करणा चाहता हूँ जी.... कि इसमें दो बाते हो सकती है जी... एक तो मेरे को ए बशवाश है कि एक परसेंट तो म्हारा मीडिया बिका होया नीं होगा ना जी... एक आदा खबार तो इस खबर को छापता जी... अगर खबर सच्ची होती जी....... हमाचल में इतणा भी गुन्डा राज नी हैं जी... हमाचल बौत सारे लीटर खश्टोरे हैं, लेकण इतणे बी नीं कि ऐसी दहशतगर्दी फला दे... सून्चणे बाली बात ए है कि म्हारी पुल्स कने डीसी साब इस मामले पर अपणे मूँ पर हाथ रख के कियों है बैठे होए... इस बात पर उनको आगे आणा चाहिए थिया... ताकि दूद का दूद कने पाणी का पाणी हो जाए....... डीसी साब कने पुल्स की चूँ तक न करणे से दाल में काले का शक तो होएगा जी...
कुछ साल पराणी बात शाणाता हूँ आपको... एक बार म्हारे पहाड़ा रा दिल सिमला में अफवा ए फैली की कुछ प्राईबेट अस्पतालों में लोकों को पकड़ कर लाया जा रेया है कने... उनकी किडनी कने कालजा नकाला जा रेया है..... पूरे हमाचल में दहशत फैल गई जी... फिर होणा केया था जी... म्हारा तो डर के मारे शांगा (गला) शूख गेया जी... कसम जी रगुनाथ जी की... मैंने तो ढालपुर से आगे जाणे की नीं सोची.... लेकण पूरे परदेश में जो डर का माहौल बणा उसका अणदाजा आप क्या लगा सकते होएंगे... तिसते परांत की बात शणाऊँ मैं आपको काबल पुल्स अफसर की.... पूरा नाम तो मैं इनका बिसर गिया सयाणे होणे के कारण लेकण ए साब उस टैम म्हारे पहाड़ा रा दिल सिमला के एसपी थिए | इनका नाम थिया मरढ़ी साहब.... आज बी शायद मेरी आददाश्त के हसाब से ए और बड्डे अफसर होणे चाइए हमाचल पुल्स में... तो मरढ़ी साहब ने जब देखा कि लोकों में दहशत फ़ैल गई है.... तो इनोने अपणी काबलियत का नमूना पेश किया... मरढ़ी साहब शुणा है 'शाली" शब्द का इस्तेमाल बौत करते थिए... मरढ़ी साब ने एक फरमान जारी कर दिया... कि " शाली जो बी किडनी नकालने बालों की बात करेगा.... शाली उषको पकड़ों कने उससे पूछो कि उसको किसने बताया किडनी नकालणे बालों के बारे में... कने शाली उस आखरी आदमी तक पौंचों जिसने ए खबर शुरू की है.... फिर आ तो किडणी चोरने बाला पकड़ा जाएगा आ फिर अफबा फलाणे बाले के चुतड़ कुटे जाएंगे..... लो जी फिर केया थिया... जब इस बात का अलाण मरढ़ी साब ने किया... तो डर के मारे लोक तो ए बी बिसर गए कि उनकी अपणी बी किडणी है... कने नाचोड़ ए निकला कि सारी अफवा थी... मरढ़ी साहब को मेरे तरफ से फ़ानी ठोक के सलूट जी.....
इसको कैहते हैं काबल पुल्स.... अगर ए खबर बी सच्ची है आ फिर अफवा है तो इसके लिए मरढ़ी साहब जैसे काबल अफसर ही चाइए जी.... जिनका आज टोटा है... भगबान करे ए खबर बी अफबा निकले कने फलाणे बालों के छुतड़ कूटे जाएँ.... गलाया बोलेया माफ जी ....

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