देखा जी... इदर भी खाश्टोरों ने अपणी घटिया औकात दखा दी, छैल बांके हमाचल को अपणे मतबल के लिए और अपणी घटिया दो कौड़ी की राजनीति के लिए हमाचल के नाम पर कालख पोथ दी जी.... ऐसे घटिया गिरे होए लोगों का तो भगबान ही 'भला' करे जी ! कने ऐसे लोकों को भगबान ही नांगा करेगा जी | हमाचल के लोक पूरे देश में सारे ते बांके कने सारे ते सांत है जी... फिर हमाचल के माथे पर कौन मनहूस काला टीका लगा सकता है जी| आप सारे नन्द लो कने हमाचल का महौल खराब कर रहे खष्टोरों से साबधान रहो जी.. अबी इस बक्त बिश्राम.. बैठे का बैठ जा.... आराम से...
चरनाबंदे....
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